एक मजेदार कहानी: डाबरमेन और तोते के साथ मेकेनिक का अनुभव

यह कहानी एक मेकेनिक के अनुभव के बारे में है, जब उसे एक डाबरमेन कुत्ते और एक बोलते तोते के साथ काम करना पड़ा। मिसेज़ दुबे की चेतावनियों के बावजूद, मेकेनिक को तोते की चिढ़ाने वाली बातें सहनी पड़ीं। जानिए कैसे उसने इस मजेदार स्थिति का सामना किया और क्या हुआ जब उसने तोते को चुनौती दी।
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कहानी की शुरुआत

एक मजेदार कहानी: डाबरमेन और तोते के साथ मेकेनिक का अनुभव


एक दिन, मिसेज़ दुबे ने अपने एसी की खराबी के बारे में एक मेकेनिक को फोन किया। उन्होंने बताया कि एसी ठीक करने के लिए वह दोपहर में उनके घर आएं, जब वह ऑफिस में होंगी। उन्होंने मेकेनिक को बताया कि घर का दरवाजा खुला रहेगा, लेकिन एक डाबरमेन कुत्ता बंधा होगा, जो ट्रेण्ड है और बिना आदेश के कुछ नहीं करेगा।


मिसेज़ दुबे ने यह भी कहा कि पिंजरे में एक तोता है, जो बहुत बोलता है, लेकिन मेकेनिक को उससे कुछ नहीं कहना है। उन्होंने काम खत्म होने के बाद चाबी उसी गमले के नीचे रखने के लिए कहा।


मेकैनिक का सामना

जब मेकेनिक घर में दाखिल हुआ, तो उसे डाबरमेन कुत्ता सोफे के पास लेटा हुआ मिला। कुत्ता उसे देखकर फिर से सो गया। जैसे ही वह आगे बढ़ा, तोता चिल्लाने लगा, "अबे चोर... क्या कर रहा है बे...!" और उसने पूरे दो घंटे तक मेकेनिक को परेशान किया।


तोता उसे चोर, मोटा भैंसा और कई गालियाँ देता रहा। मेकेनिक ने एक बार तो उसे पेंचकस से कोंचने का मन बना लिया, लेकिन मिसेज़ दुबे की चेतावनी याद आ गई।


अंतिम क्षण

काम खत्म होने के बाद, जब मेकेनिक जाने लगा, तो तोता फिर से चिढ़ाने लगा। उसने कहा, "अबे चोर... मोटा साले... क्या चुराया बे...?" मेकेनिक अब सहन नहीं कर सका और उसने तोते की ओर पेंचकस उठाया।


तभी तोता चिल्लाया, "छू... टामी... छू...!" यह सुनकर मेकेनिक डरकर भाग गया और आज तक उस घटना से सदमे में है।